वराह श्याम मंदिर भीनमाल
भीनमाल का वराहश्याम मंदिर देश के अति प्राचीन मंदिरों में से एक है. यह मंदिर करीब 600 वर्ष पुराना है. वराह श्याम मंदिर की जन्माष्टमी के दिन विशेष पूजा अर्चना की जाती है. इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस मंदिर में एसा कोई स्थान नहीं है, जहां देव विराजीत नहीं हो, परिक्रमा पथ से लेकर मंदिर की हर दिवार पर किसी न किसी देवी-देवता की प्रतिमा मौजूद हैं. मंदिर में स्थापित वराहश्याम भगवान की मूर्ति जैसलमेर के पीले प्रस्तर से निर्मित है. जो आठ फीट लंबी व तीन फीट चौड़ी है. मूर्ति की दायीं भुजा में भगवान मेदिनी (लक्ष्मी) को धारण किए हुए है और उनके चरणों के पास नाग-नागिन का युगल है, जिनका ऊपरी हिस्सा मानव आकृतियों जैसा है. इनके पास ही इंद्राणी तथा नारद की प्रतिमाएं भी उत्कीर्ण है. मूर्ति इतनी भव्य एंव कलात्मक है कि मेदिनी उद्धार की घटना प्रत्यक्ष घटित होते हुए दिखाई पड़ती है. इस मंदिर में स्थित मूर्तियां, खंभे व अवशेष सतयुग काल की खुदाई के दौरान निकले हुए हैं, जिन्हें इस मंदिर में स्थापित किया गया है. वही मंदिर के मुख्य क...